अमेरिकी वैज्ञानिको ने पहली बार मनुष्य की भांति चलने वाला अणु डिजाईन किया है जिसे नयनो वाकर नाम दिया गया है नयनो वाकर के माध्यम से बहुत सी सुचनाये छोटे से चिप में एकत्र की जा सकती है वैज्ञानिको के अनुसार सूछ्म अणु के सपाट पर मनुष्य की भांति सीधा चलना अदभुत है इससे पुरे विश्व जहाँ हम रहते है की नक़ल नयनो मीटर से स्केल से उतारी जा सकती है ९, १० डि डि ऐ को जोड़ने वाले तत्व पैरो का काम करते है उष्मा मिलते यह सक्रिय होजाता है और उससे चलने फिरने की उर्जा मिलने लगती है डिडिऐ बिना नयनो रेल या नयनो ग्रुब्स के सपाट सतह पर मनुष्य की तरह चल सकता है नयनो वाकर पहली बार १००००० से अधिक कदम चला जहाँ तक डिडिऐ का प्रश्न है इसे मनुष्य की तरह चलने फिरने के लिए किसी सहारे कीजरूरत नहीं होती
शनिवार, 20 नवंबर 2010
Ads
-
वैज्ञानिक युग के क्या संभव हो जाएगा यह कहा नहीं जा सकता है अब टच स्क्रीन के सम्बन्ध में इक क्रांती आ गयी है जो कलाई पर होगा, वैज्ञानिको के...
-
छोटे से बॉक्स में किचन, टॉयलेट और बेड! 'कॉफिन होम' में कैसे रहती है Hong Kong की एक बड़ी आबादी?  होन्ग-कोन्ग. वो देश, जहां पर दुनि...
-
स्वमी विवेकानंद को रामकृष्ण परमहंस ने पहली बार समाधि का अनुभव कराया था। जानते हैं कि गुरु रामकृष्ण परमहंस के साथ रहकर उनमें क्या बदलाव आए और...
-
जल्द ही बाजारों में नैनो फाइबर से बने पावर सूट उपलब्ध होंगे वैज्ञानिको ने हमारी जीवन सैली में क्रांती ला दी है उन्होंने इंसान की सुख सुबिध...
-
प्रस्तुति : अनिरुद्ध जोशी 'शतायु' पहले बल्ब का जलना, विमान का उड़ना, सिनेमा और टीवी का चलन, मोबाइल पर बात करना और कार में घूमना एक ...
-
प्रेतात्माओं के शरीर ईथरिक व एस्ट्रल ऊर्जा से निर्मित होते हैं भारतीय संस्कृति के अनुसार प्रेत योनि के समकक्ष एक और योनि है जो एक प्रकार से...
-
कत्यूरी शासन 2500 वर्ष पूर्व से 700 ईस्वी तक रहता है कत्यूरी राजाओं की राजधानी पहले जोशीमठ थी बाद में कार्तिकेयपुर। उस समय कहा जाता है, कि...

0 टिप्पणियाँ:
एक टिप्पणी भेजें