
By Jon Hazell from NYT World https://ift.tt/39MmE0D
Vartabook.com news website what new in world sptituale univers folk culture history articles of and opinion of Religion and science aryuvadik news Indian culture Brod about thinking spirituality science Vadik science mantra vigyan kaam vigyan discuss new technology of human
"क्या आप भी अपने जीवन को फिक्स (व्यवस्थित)
करने का प्रयास करते हैं"..??
दुनिया का हर एक व्यक्ति अपने जीवन को सार्थक राह पर लाने का प्रयास करता है, पर जरूरी नहीं कि हर एक इंसान इसमें सफल भी हो जाएं,
ये जीवन प्रकृति के द्वारा ही चलायमान है, प्रकृति के सामने हम इंसानों को झुकना ही पड़ता है। आप अपने जीवन को जितना भी फिक्स करने का प्रयास करें, ये जीवन कभी भी उस रूप में फिक्स नहीं हो सकता, जैसा आप चाहते हैं,
क्योंकि प्रकृति में ऐसी कोई प्रोग्रामिंग की ही नहीं गई है कि आप उसके द्वारा चलायमान स्थिति को अपने अनुरूप ढाल सकें, उसे बदल सकें।
जब–जब आप जीवन को फिक्स करने का प्रयास करेंगे, ये प्रकृति आपको किसी न किसी प्रकार का कष्ट दुःख देकर ही रहेगी, इसलिए आपको जीवन को फिक्स करने के बजाय इसे सहज रूप से स्वीकार करके "गो विथ द फ्लो" में चलना चाहिए, अन्यथा आप तनाव, मानसिक अवसाद और पीड़ा की स्थिति में प्रवेश कर जाएंगे। साभार ऋतु सिसोदिया
महाकवि कालिदास द्वारा रचित महाकाव्य 'रघुवंशम्' (Raghuvaṃśa) लगभग 1,600 वर्ष पुराना है। इसके लेखन का काल और यह किस माध्यम व विषय पर ...