इलैक्ट्रानिक स्किन का अविष्कार यूनिवर्सिटी ऑफ नेब्रास्का के रवि सराफ ने किया यह वास्तव में कागज़ से भी हजार गुना पतली फिल्म है जिसमे सोने और कैडमियम सैल्फाएद के सूछ्म कणों की परते अवस्थीत हैं विदुत की सुचालक इन परतो के बीच में कुचालक प्लास्टीक स्तर है साइंस पत्रिका में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक जैसे ही फिल्म में विदुत धारा प्रवाहित की जाती है दबाव विन्दुओं पर चालकता badane लगती है जिससे सूछ्म तत्व चमकने लगते हैं दबाव जितना अधिक होगा चमक उतनी ही अधिक होगी सराफ के मुताबिक़ इलैक्ट्रानिक स्किन के चलते रोबट की स्प़शानुभूति में कई गुना इजाफा होगा
सोमवार, 5 अप्रैल 2010
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3 टिप्पणियाँ:
aapke blog par aakar kai vishhhyo ke baare me jan kati milti hai ,jo ham sabhi ke liye bahut hi kam ki hai.
mujhe bhi yah bahut mahtavpoorn blog nazar aata hai ,jis jeevan ko jeete hai usse judi kitni khas baate yahan hoti hai .sundar w khas .
kuchh naya nahi dala aapne kahi bhi ,saare blog par sair kar aai .
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