
By Lindsay Zoladz from NYT Arts https://ift.tt/cvPA5hi
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वंशलोचन: निर्माण की प्रक्रिया
वंशलोचन एक प्राकृतिक खनिज है जो मुख्यतः बांस के पौधे से प्राप्त होता है। यह एक पारदर्शी या अपारदर्शी सफेद पदार्थ है जिसे आयुर्वेद में कई बीमारियों के इलाज के लिए उपयोग किया जाता है। आइए जानते हैं कि वंशलोचन कैसे बनता है।
वंशलोचन का निर्माण
वंशलोचन का निर्माण एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जो बांस के पौधे के अंदर होती है। यह एक लंबी और धीमी प्रक्रिया होती है।
बांस में खनिजों का संचय: बांस के पौधे जमीन से खनिज तत्वों को अवशोषित करते हैं। इन खनिजों में सिलिका, चूना, पोटाश आदि शामिल होते हैं।
खनिजों का क्रिस्टलीकरण: समय के साथ, ये खनिज पौधे के तने में जमा हो जाते हैं और क्रिस्टल का रूप ले लेते हैं। ये क्रिस्टल ही वंशलोचन होते हैं।
निष्कर्षण: जब बांस के पौधे को काटा जाता है, तो इन क्रिस्टलों को तने से निकाला जाता है। यह एक कठिन और कुशलतापूर्ण कार्य होता है।
वंशलोचन के प्रकार
वंशलोचन को उसके रंग और गुणवत्ता के आधार पर विभिन्न प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है।
सफेद वंशलोचन: यह सबसे शुद्ध और मूल्यवान प्रकार का वंशलोचन होता है।
पीला वंशलोचन: यह सफेद वंशलोचन की तुलना में कम शुद्ध होता है।
लाल वंशलोचन: यह सबसे कम शुद्ध प्रकार का वंशलोचन होता है।
वंशलोचन का उपयोग
वंशलोचन का उपयोग आयुर्वेद में कई बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता है। इसमें शामिल हैं:
दांत और हड्डियों की समस्याएं: वंशलोचन कैल्शियम का एक अच्छा स्रोत है और इसलिए यह दांतों और हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है।
पाचन समस्याएं: यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाने और अपच, कब्ज आदि जैसी समस्याओं को दूर करने में मदद करता है।
त्वचा रोग: वंशलोचन त्वचा रोगों जैसे कि सोरायसिस और एक्जिमा के इलाज में उपयोग किया जाता है।
बुखार: यह बुखार को कम करने में मदद करता है।
खांसी और जुकाम: वंशलोचन खांसी और जुकाम के उपचार में भी उपयोग किया जाता है।
ध्यान दें: वंशलोचन का सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
Health Today
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