
By Catie Edmondson and Andrew Duehren from NYT U.S. https://ift.tt/0fUv4sW
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#खजूर खाना स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है.
पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। ये शरीर को जरूरी पोषण प्रदान करते हैं और गंभीर बीमारियों से भी बचाते हैं। ऐसा ही एक ड्राई फ्रूट है खजूर। प्रोटीन, फाइबर, आयरन, मैग्नीशियम के साथ ही कई अन्य जरूरी विटामिन्स और मिनरल्स से भरपूर खजूर सेहत को कई लाभ प्रदान करते हैं। हम में से ज्यादातर लोग या तो खजूर का सेवन स्नैक्स की तरह करते हैं या अपने ब्रेकफास्ट और स्मूदीज शामिल करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं रात में खजूर का सेवन करना ज्यादा फायदेमंद होता है? जी हां, आपने बिल्कुल सही पढ़ा!
क्लीनिकल न्यूट्रिशनिस्ट और डायटीशियन गरिमा गोयल की मानें, तो वैसे तो आप दिनभर में खजूर का सेवन किसी भी समय कर सकते हैं। लेकिन अगर आप सोने से आधा घंटा पहले खजूर का सेवन करते हैं, तो यह आपको कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान कर सकता है।
बहुत से लोग देर रात तक काम करते हैं या अपने मोबाइल, लैपटॉप पर सोशल मीडिया स्क्रॉल करते हैं। इसके अलावा तनाव और चिंता के कारण भी ठीक से नींद न आने से परेशान रहते हैं। लेकिन अगर रात में आप बिस्तर पर जाने से आधा घंटा पहले दूध के साथ खजूर का सेवन करते हैं, तो इससे आपको जल्दी नींद आएगी, क्योंकि खजूर में मैग्नीशियम की अच्छी मात्रा होती है, जो शरीर को शांत और मांसपेशियों को आराम महसूस कराता है और आपको एक अच्छी नींद लेने में मदद करता है।
खून की कमी दूर होती है
#खजूर आयरन से भरपूर होते हैं, जिससे यह शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाने और खून की कमी को दूर करने में बहुत लाभकारी होते हैं। यही कारण है कि एनीमिया की समस्या होने पर डॉक्टर खजूर खाने की सलाह देते हैं।
वजन बढ़ाने के लिए
अगर आप अंडरवेट हैं तो खजूर का सेवन आपके लिए बहुत फायदेमंद है. इसमें शुगर, विटामिन और कई जरूरी प्रोटीन होते हैं साभार Facebook
न्यूयॉर्क एजेंसी गूगल जीमेल सर्विस की सुरक्षा अधिक मजबूत करने के लिए नया और अहम बदलाव करने जा रहा है। इसके तहत अब तक मैसेज में आने वाले ओटीपी की जगह क्यूआर कोड होंगे। गूगल, ने अकाउंट को हैकिंग से बचाने के लिए यह फैसला लिया है। फोर्ब्स के डैवी विंडर की रिपोर्ट के अनुसार, गूगल जीमेल में एसएमएस आधारित टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2एफए) को बंद करने की योजना बना रहा है।
किया था आगाह
इस माह की शुरुआत में ही गूगल ने जीमेल यूजर्स को आगाह किया था कंपनी की ओर से जारी चेतावनी में कहा गया था कि 250- करोड़ अकाउंट्स पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए हैकिंग का खतरा है। साइबर अपराधी गूगल सपोर्ट एजेंट बनकर यूजर्स को धोखा दे रहे हैं।
अब तक कंपनी यूजर्स को टैक्स्ट मैसेज के जरिए वन टाइम पासकोड (ओटीपी) भेजती थी। सुरक्षा
चिंताओं के चलते इसको हटाने पर विचार किया जा रहा है। जीमेल के प्रवक्ता रॉस रिचेंडरफर ने बताया कि
हैक होने के बाद क्या करें
ईमेल अकाउंट रिकवरी पेज पर आईडी व पुराना पासवर्ड दर्ज करें सिक्योरिटी के सवालों का जवाब देकर लॉग इन करें पासवर्ड के लिए रिकवरी ईमेल या मोबाइल नंबर का सहारा भी लें सिक्योरिटी कोड डालने के बाद नया पासवर्ड बन जाएगा गूगल का उद्देश्य एसएमएस के दुरुपयोग को कम करना है।
रिसीव करने के लिए एसएमएस का विकल्प देता आ रहा है। इससे जुड़े लंदन कुछ खतरे भी हैं। कई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अपराधी आसानी से एसएमएस वेरिफिकेशन से जीमेल को हैक कर लेते हैं। यूजर्स की लगातार शिकायतें दर्ज होने के बाद गूगल की टीम बदलाव के लिए सक्रिय हो गई
क्या है क्यूआर कोड : क्यूआर कोड (क्विक रेस्पॉन्स कोड) दो- आयामी बारकोड होता है। यह काले और सफेद रंग के वर्गों का पैटर्न है। इसे किसी दूसरे स्कैनिंग डिवाइस से जिंद पेढ़ा जा सकता है।
नई दिल्ली, एजेंसी। मंगल ग्रह पर कभी समंदर भी बहता था शोधकर्ताओं को ग्रह पर रेतीले समुद्री तट मिले हैं। वैज्ञानिकों चीन के जुरोग रोवर से डाटा का विश्लेषण करने के बाद यह दावा किया है। शोधकर्ताओं का कहना है कि मंगल ग्रह पर दबे समुद्र • तटों के मिलने के बाद इसके 'सबूत भी मिल गए हैं। यह शोध प्रोसिडिंग्स ऑफ नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज में प्रकाशित हुए हैं। पेन स्टेट
यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर और शोध के सह-लेखक डॉ. बेंजामिन कार्डेनस ने कहा कि जुरोंग को दक्षिणी यूटोपिया प्लैनिटिया में उन स्थानों के पास भेजा गया था, जहां उपग्रह डाटा से इसकी मैपिंग की गई। मंगल के उत्तरी निचले इलाकों से प्राप्त परिणाम यह बताते हैं कि वहां पहले समंदर बहा करते थे। कार्डेनस ने कहा कि आमतौर पर रडार तलछट के आकार में सूक्ष्म परिवर्तनों को भी पकड़ लेता है।
मेलबर्न, एजेंसी। पक्षियों से भी डरने की जरूरत है भला... कैसोवेरी पक्षी से अनजान लोग ही ऐसा सोच सकते हैं। यह दुनिया का सबसे खतरनाक पक्षी है जो इंसान की जान तक ले सकता है। एक नए अध्ययन में पता चला है कि इसकी आबादी घट रही है।
पापुआ न्यू गिनी में कैसोवेरी पक्षियों पर पांच साल तक लगातार अध्ययन करने वाले एंड्रयू मैक ने कहा, ये डायनासोर की भांति दिखते हैं। इनका वजन 310 किलोग्राम तक होता है और
लंबाई इंसान के बराबर हो सकती है। इनके पास पंख तो हैं लेकिन उड़ने में सक्षम नहीं हैंबल्कि मजबूत पैरों के जरिए ये तेजी से चलते हैं। जंगलों में इन्हें 31 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ता हुआ देखा गया। हैरानी की बात उड़ नहीं सकते लेकिन पानी में आराम से तैर सकते हैं। मानव ने लगभग 18000 वर्षो पहले ही इन्हें पालना सीख लिया था। ऑस्ट्रेलिया और न्यू गिनी के जंगलों में पाया जाने वाला कैसोबेरी दिखने में खूबसूरत है।
महाकवि कालिदास द्वारा रचित महाकाव्य 'रघुवंशम्' (Raghuvaṃśa) लगभग 1,600 वर्ष पुराना है। इसके लेखन का काल और यह किस माध्यम व विषय पर ...